कुछ तुम लिखो कुछ हम लिखे , कुछ लफ्जों मे साझा करे
एक वर्ण से शुरुआत करे , और मिलो को भी पार करे
एक राह बना कर चल चले , हर चार कदम पर चाह दे
मुसाफिरों की भीड़ मे हम , साथ साथ बढ़ते चले
इस भूमि के कण कण को हम , हर जिस्म मे लेते चले
लेकर कफ़न की आग़ को हम , इस तरह बांधे चले
होकर रूबरू हर सक्ष से , याद उन वीरो की ले
कारगिल मे शोर्यता का , चिन्ह जिन्होंने दे दिया
एक वक्त पर हर वीर ने अपने वादों पर ग़ोर किया
हर रोज जलती ज्वाला है ये , जो जिस्मो पर जिलती है उठ
हर रोज जलता जिस्म है ये , जो ज्वाला से बुझता नही
कुछ मशाल जलकर बुझ गयी ,कुछ खुआब बन कर मर मीटे
इस भू-धरा पर ये शोर्यता के वीर है जो डटे रहे
वीर से वीरांगना और विर्यता की बहादुरी
हर लफ़्ज पर जो शोर है की कुछ नही एक सादगी !!!!!!!!!!!!!
हर धर्म में एक वीर है एक वीर मे वो विर्यता
हर विर्यता जो सत्य है ये सत्य ही है विर्यता
हर सिक्के के पहलू है , हर वस्तु के वो चिन्ह है
हिन्दू जिनके धर्म है , कोम से मुश्लिम जो है
( my blog is not related with any kind of Religion this blog is fully free from any type of Religion its just my views that i share with you , hindu muslim unity is posslible if everybody want
“Many are the names of God and infinite the forms through which He may be approached.”
– Sri Ramakrishna )
@ ( pooja sharma ) @