तप जप करके तब्दील किया
इस मिट्टी को फलीभूत किया
लेकर के कुछ धर्मो को हमने
एकता का रक्त किया
पनप रही संस्कृति को जैसे
फिर हमने तब्दील किया
कुछ धर्मो का बोल किया ,
कुछ भूमि पर ही शोर किया ,
तपो भूमि की इस जननी को
फिर हमने तब्दील किया
कुछ टुकडो मे काट दिया
, कुछ को धर्मो मे बाँट दिया !!!१!
बदल बदल के इतना बदले
भाषा का ना सम्मान किया
हमने अपनी ही वाणी पर
फिर से चिन्हों का वार किया
{पूजा_शर्मा}
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